Sourcing premium residential, healthcare, and commercial opportunities along the Devipur-AIIMS 4-lane stretch. Rigorous SPT Act Section 20 verification, legal approach road validation, and senior Amin boundary pegging.
पूर्वी भारत का प्रमुख राष्ट्रीय चिकित्सा संस्थान। हजारों डॉक्टर, मेडिकल छात्र एवं मरीजों की आवाजाही से क्लिनिक, हॉस्टल और आवासीय कॉलोनी की जबर्दस्त मांग।
झारखंड सरकार एवं केंद्र का प्लास्टिक पार्क और इंडस्ट्रियल एरिया। रोजगार सृजन और लॉजिस्टिक्स वेयरहाउसिंग के लिए दीर्घकालिक पूंजी वृद्धि (Capital Appreciation)।
देवघर टाउन एवं रोहिणी से 4-लेन कनेक्टेड पीडब्ल्यूडी हाईवे। 20 से 40 फीट चौड़ी सड़कें, जिससे व्यावसायिक गाड़ियां और एम्बुलेंस आसानी से पहुंच सकती हैं।
एम्स के आसपास कई ग्रामीण इलाकों में दलाल बिना कागजी सत्यापन के कृषि भूमि पर अवैध प्लॉटिंग कर रहे हैं। बिना बसौरी खतियान या सरकार के वैध भू-रूपांतरण के ऐसी जमीन खरीदना कानूनन जुर्म है और भविष्य में बेदखली (Eviction under Section 42) हो सकती है।
📐 LandAmin केवल कानूनी रूप से वैध हस्तांतरणीय जमीन ही शॉर्टलिस्ट करता है और टोकन से पहले 16-बिंदु ग्राउंड ऑडिट रिपोर्ट सौंपता है।
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS Deoghar) एवं प्लास्टिक पार्क की स्थापना के बाद देवीपुर देवघर का सबसे तीव्र गति से विकसित होता संस्थागत एवं स्वास्थ्य गलियारा बन गया है। यहाँ डॉक्टर हॉस्टल, नर्सिंग होम, फार्मेसी, आवासीय कॉलोनी एवं व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स के लिए भूखंडों की भारी मांग है।
देवीपुर प्रखंड में अधिकांश ग्रामीण मौजा संथाल परगना काश्तकारी अधिनियम 1949 के अंतर्गत आते हैं जहाँ मूल रैयती कृषि भूमि की खरीद-बिक्री अवैध (Prohibited under Section 20) है। केवल वैध गैर-कृषि खतियानी "बसौरी" जमीन अथवा विधिवत अनुमति प्राप्त भूखंड ही खरीदे जा सकते हैं।
हमारी टीम देवीपुर मौजा, झुमरी, नवाडीह और मुख्य पीडब्ल्यूडी मार्ग के आसपास अपने स्थानीय मुखबिरों और जमीन मालिकों के नेटवर्क से सीधे संपर्क रखती है। हम केवल साफ-सुथरे, चौड़ी सड़क से जुड़े और कानूनी रूप से हस्तांतरणीय भूखंड ही शॉर्टलिस्ट करते हैं।
अत्यंत आवश्यक है! देवीपुर क्षेत्र में बड़े खसरा नंबरों के उप-विभाजन (Sub-division) होते हैं। यदि मौके पर सरकारी मुश्तकिल पत्थर से फीता और गुनिया द्वारा नापी नहीं कराई जाए, तो बाद में सीमा विवाद और सड़क कटौती की समस्या उत्पन्न हो सकती है।